पेट की गैस के लिए 5 बेस्ट योगासन – प्राकृतिक तरीके से पाएँ राहत
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण पेट की गैस (Gas / Acidity) की समस्या बहुत आम हो गई है। पेट में गैस बनने से पेट फूलना, डकार आना, सीने में जलन और भारीपन जैसी परेशानियां होती हैं। और कभी- कभी पित्ताशय की पथरी की भी शिकायत हो जाती है।
अगर आप बिना दवा के इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो योगासन एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है। योगासन पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और पेट की गैस को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
इस लेख में हम पेट की गैस से राहत पाने के लिए 5 सबसे प्रभावी योगासन के बारे में जानेंगे।
1. पवनमुक्तासन (Pavanamuktasana)
पवनमुक्तासन का नाम ही बताता है कि यह शरीर से गैस (पवन) को बाहर निकालने में मदद करता है। यह आसन पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और पेट के दर्द को कम करता है।
करने की विधि
सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब धीरे-धीरे अपने दोनों पैरों को मोड़ें।
घुटनों को छाती के पास लाएं।
दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ लें।
सिर को उठाकर नाक को घुटनों से लगाने की कोशिश करें।
इस स्थिति में 15–20 सेकंड रहें।
लाभ
पेट की गैस और अपच से राहत
पाचन शक्ति मजबूत होती है।
कब्ज की समस्या कम होती है।
2. वज्रासन (Vajrasana)
वज्रासन एक ऐसा योगासन है जिसे खाना खाने के बाद भी किया जा सकता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और गैस बनने से रोकता है।
करने की विधि
घुटनों के बल बैठ जाएं।
पैरों की एड़ियों पर बैठें।
दोनों हाथों को घुटनों पर रखें।
रीढ़ की हड्डी सीधी रखें।
सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
लाभ
पाचन क्रिया तेज होती है।
गैस और एसिडिटी में राहत
पेट में भारीपन कम होता है।
3. भुजंगासन (Bhujangasana)
भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहा जाता है। यह आसन पेट के अंगों को सक्रिय करता है और गैस की समस्या को कम करता है।
करने की विधि
पेट के बल जमीन पर लेट जाएं।
दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें।
धीरे-धीरे सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं।
नाभि तक का हिस्सा जमीन पर ही रखें।
सिर को ऊपर की ओर रखें।
लाभ
पेट की गैस कम होती है।
पाचन तंत्र मजबूत होता है।
कमर और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
4. अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana)
यह आसन पेट के अंगों की मालिश करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
करने की विधि
जमीन पर दोनों पैर सीधे करके बैठ जाएं।
दाएं पैर को मोड़कर बाएं घुटने के पास रखें।
बाएं हाथ से दाएं घुटने को पकड़ें।
शरीर को दाईं तरफ मोड़ें।
इस स्थिति में 20–30 सेकंड रहें।
लाभ
गैस और कब्ज से राहत
पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
लिवर और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
5. उष्ट्रासन (Ustrasana)
उष्ट्रासन पेट के सामने वाले हिस्से को खोलता है और पाचन अंगों को सक्रिय करता है।
करने की विधि
घुटनों के बल खड़े हो जाएं।
हाथों को कमर पर रखें।
धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकें।
हाथों से एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें।
सिर को पीछे की ओर छोड़ दें।
लाभ
गैस और अपच से राहत
पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
शरीर में लचीलापन बढ़ता है।
पेट की गैस से बचने के लिए जरूरी टिप्स
योगासन के साथ-साथ कुछ अच्छी आदतें अपनाने से गैस की समस्या जल्दी ठीक हो सकती है।
इसके अलावा आप अनुलोम विलोम, और कपालभाति, भ्रामरी, नाड़ी शोधन प्राणायाम को भी अपने दैनिक व्यायाम का हिस्सा बनाए।
योगासन के साथ-साथ कुछ अच्छी आदतें अपनाने से गैस की समस्या जल्दी ठीक हो सकती है।
✔ खाना धीरे-धीरे चबाकर खाएं।
✔ ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन कम करें।
✔ रोजाना कम से कम 20–30 मिनट योग या वॉक करें।
✔ पर्याप्त पानी पिएं
✔ देर रात खाना खाने से बचें
निष्कर्ष:-
पेट की गैस एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली समस्या है। नियमित रूप से पवनमुक्तासन, वज्रासन, भुजंगासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन और उष्ट्रासन करने से गैस और पाचन से जुड़ी समस्याओं में काफी राहत मिल सकती है।
अगर आप इन योगासनों को रोजाना 10–15 मिनट करते हैं, तो आपका पाचन तंत्र मजबूत रहेगा और गैस की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।
"सुयोगा"





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