सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका और फायदे
परिचय:-
योग भारतीय संस्कृति की एक अनमोल देन है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। योग के कई प्रकार हैं, लेकिन सूर्य नमस्कार को सबसे प्रभावी और संपूर्ण योग अभ्यास माना जाता है।सूर्य नमस्कार 12 योग मुद्राओं का एक क्रम है, जिसे नियमित रूप से करने से शरीर मजबूत, लचीला और ऊर्जावान बनता है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है।
यदि आप रोज सुबह सूर्य नमस्कार करते हैं तो यह पूरे शरीर के लिए एक संपूर्ण वर्कआउट की तरह काम करता है।
सूर्य नमस्कार क्या है?
सूर्य नमस्कार का अर्थ है सूर्य को नमस्कार करना या सूर्य का अभिवादन करना। यह योगासन सूर्य की ऊर्जा को शरीर में ग्रहण करने का एक तरीका माना जाता है।
इसमें 12 अलग-अलग योगासन होते हैं जो एक क्रम में किए जाते हैं। हर आसन के साथ सांस लेने और छोड़ने की एक विशेष प्रक्रिया होती है।
योग विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य नमस्कार करने से शरीर की लगभग सभी मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और शरीर का संतुलन बेहतर होता है, और वजन भी जल्दी कम होता है इसे करने से शरीर में जमी चर्बी तेजी से पिघलती है। यदि सूर्य नमस्कार 30 मिनट तक कंटिन्यू किया जाए तो ये कम से कम 300 कैलोरी तक बर्न कर सकता है।
सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका (12 स्टेप)
1. प्रणामासन
सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को मिलाकर खड़े रहें। दोनों हाथों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा में जोड़ लें और सांस सामान्य रखें। इस आसान से मन शांत और मस्तिष्क (Brain focused) एकाग्र रहता है।
2. हस्त उत्तानासन
सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और शरीर को हल्का पीछे की ओर झुकाएं।
इससे रीढ़ लचीली होती है, और फेफड़े खुलते है।
3. पदहस्तासन
अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और हाथों से पैरों के पास जमीन को छूने की कोशिश करें।
इससे रीढ़ लचीली होती, है पेट की मांसपेशियां नरम होती है, hemstring लचीली होकर जांघों और पिडलियों की स्ट्रेंथ भी बढ़ती है।
4. अश्व संचलनासन
सांस लेते हुए दाहिना पैर पीछे ले जाएं। बायां घुटना जमीन पर रखें और सिर को ऊपर की ओर उठाएं।
इससे कंधों को मजबूती बढ़ती है, पैर की स्ट्रेंथ भी बढ़ती है, कूल्हों की मांस पेशियां भी मजबूत होती है।
5. दंडासन
अब बायां पैर भी पीछे ले जाएं और शरीर को सीधी रेखा में रखें। इस पोजीशन से पीठ और पेट की कोर मांसपेशियों मजबूत होती है।
6. अष्टांग नमस्कार
अब घुटने, छाती और ठुड्डी जमीन पर रखें और कूल्हों को थोड़ा ऊपर उठाएं।
इससे कूल्हों की मांसपेशियां मजबूत होती है, छाती मजबूत और चौड़ी होती है, भुजाओं की मांसपेशियां मजबूत होती है।
7. भुजंगासन
सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुकाएं।
इससे फेफड़े खुलते है, रीढ़ लचीली होती है और भुजाएं मजबूत होती है।
8. पर्वतासन
सांस छोड़ते हुए शरीर को उल्टे V आकार में ले जाएं। दोनों पैरो की हैमस्ट्रिंग लचीली होती है, कंधे मजबूत होते है, रीढ़ में लचीलापन आता है।
9. अश्व संचलनासन
अब बायां पैर आगे लाएं और सिर को ऊपर रखें।
इससे कंधों को मजबूती बढ़ती है, पैर की स्ट्रेंथ भी बढ़ती है, कूल्हों की मांस पेशियां भी मजबूत होती है।
11. हस्त उत्तानासन
सांस लेते हुए शरीर को ऊपर उठाएं और हल्का पीछे की ओर झुकें।
सूर्य नमस्कार करने के फायदे
1. पूरे शरीर की एक्सरसाइज
सूर्य नमस्कार करने से शरीर की लगभग सभी मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं।
2. वजन कम करने में मदद
यह एक अच्छा कार्डियो वर्कआउट है जो कैलोरी बर्न करता है और वजन कम करने में मदद करता है।
3. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
नियमित अभ्यास से पेट की समस्याएं जैसे गैस, कब्ज और अपच में राहत मिलती है।
4. शरीर को लचीला बनाता है
यह रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों को लचीला बनाता है।
5. मानसिक तनाव कम करता है
योग करने से मन शांत होता है और तनाव व चिंता कम होती है।
6. रक्त संचार बेहतर करता है
सूर्य नमस्कार करने से पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
7. ऊर्जा बढ़ाता है
सुबह सूर्य नमस्कार करने से शरीर में पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है।
8. त्वचा को स्वस्थ बनाता है
बेहतर रक्त संचार के कारण त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है।
सूर्य नमस्कार करने का सही समय
सूर्य नमस्कार करने का सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के समय माना जाता है।
इस समय वातावरण शुद्ध और शांत होता है जिससे योग का पूरा लाभ मिलता है।
ध्यान रखें कि सूर्य नमस्कार खाली पेट करना चाहिए।
एक दिन में कितने सूर्य नमस्कार करने चाहिए?
शुरुआत में आप 4 से 5 राउंड से शुरुआत कर सकते हैं।
कुछ दिनों के अभ्यास के बाद इसे बढ़ाकर 10 से 12 राउंड तक किया जा सकता है।
जो लोग नियमित योग करते हैं वे 20 से 24 राउंड तक भी सूर्य नमस्कार करते हैं।
सूर्य नमस्कार करते समय सावधानियां
हमेशा खाली पेट सूर्य नमस्कार करें।
शुरुआत में धीरे-धीरे अभ्यास करें।
सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया पर ध्यान दें।
कमर या घुटनों में दर्द होने पर सावधानी बरतें।
गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह से ही अभ्यास करना चाहिए।
निष्कर्ष
सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण योग अभ्यास है जो शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से शरीर मजबूत, लचीला और ऊर्जावान बनता है।
यदि आप रोज सुबह सूर्य नमस्कार को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो यह आपके स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक शांति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
"सुयोगा"













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